PM Vishwakarma Yojana 2026: 3 लाख तक बिना गारंटी लोन, 5% ब्याज पर
भारत की संस्कृति और विरासत में कारीगरों और शिल्पकारों का बहुत बड़ा योगदान है। सदियों से ये लोग अपने हाथों के हुनर से समाज की जरूरतें पूरी करते आए हैं। बढ़ई, लोहार, कुम्हार, दर्जी जैसे कई ऐसे लोग हैं जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी अपने पारंपरिक काम को आगे बढ़ा रहे हैं। लेकिन बदलते समय में इन कारीगरों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। जैसे आधुनिक उपकरणों की कमी, बाजार तक पहुंच न होना, पैसे की तंगी और नई तकनीक सीखने का अवसर न मिलना। इन समस्याओं को दूर करने के लिए भारत सरकार ने PM Vishwakarma Yojana शुरू की है।
पीएम विश्वकर्मा योजना 17 सितंबर 2023 को विश्वकर्मा जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा शुरू की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों को मान्यता देना, उनकी स्किल बढ़ाना, आधुनिक उपकरण देना, आसान कर्ज उपलब्ध कराना और उनके सामान को बाजार तक पहुंचाना है। PM Vishwakarma Yojana का बजट 13,000 करोड़ रुपये है और यह 5 साल (2023-24 से 2027-28 तक) चलेगी। इस योजना से लाखों कारीगरों की जिंदगी बेहतर हो रही है।
PM Vishwakarma Yojana Kya Hai?
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MoMSME) द्वारा चलाई जाने वाली एक महत्वपूर्ण केंद्रीय योजना है जो पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों की मदद के लिए 17 सितंबर 2023 को शुरू की गई। विश्वकर्मा योजना सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही है। यह योजना 2027-28 तक 5 साल चलेगी और इसका बजट 13,000 करोड़ रुपये है।
PM Vishwakarma Yojana के तहत बढ़ई, लोहार, सुनार, कुम्हार, दर्जी, नाई, राजमिस्त्री जैसे 18 पारंपरिक व्यापारों में काम करने वाले लोगों को प्रमाण पत्र, फ्री स्किल ट्रेनिंग (ट्रेनिंग के दौरान रोज 500 रुपये स्टाइपेंड), आधुनिक टूलकिट (15,000 रुपये तक), बिना गारंटी 3 लाख रुपये तक का लोन (5% ब्याज पर), डिजिटल लेन-देन पर प्रोत्साहन और बाजार से जोड़ने की सुविधा मिलती है।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके हुनर को सम्मान देने के लिए है। अभी तक 2.7 करोड़ से ज्यादा आवेदन हो चुके हैं। अधिक जानकारी के लिए pmvishwakarma.gov.in देखें।
भारत सरकार का क्या उद्देश्य है PM Vishwakarma Yojana शुरू करने की
- कारीगरों को ‘विश्वकर्मा’ के रूप में मान्यता देना – प्रमाण पत्र और आईडी कार्ड देकर उन्हें सभी लाभ पाने योग्य बनाना।
- कौशल उन्नयन करना – बेसिक और एडवांस ट्रेनिंग देकर उनके हाथ के काम को बेहतर और आधुनिक बनाना, ताकि उत्पादों की गुणवत्ता बढ़े।
- आसान और सस्ता कर्ज उपलब्ध कराना – बिना गारंटी 3 लाख रुपये तक का लोन 5% ब्याज पर देना, जिससे पैसों की कमी न आए।
- आधुनिक उपकरण प्रदान करना – 15,000 रुपये तक का टूलकिट इंसेंटिव देकर पुराने औजारों को नए से बदलना।
- डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देना – डिजिटल पेमेंट पर प्रोत्साहन देकर कारीगरों को ऑनलाइन दुनिया से जोड़ना।
- बाजार से मजबूत जुड़ाव बनाना – ब्रांडिंग, ई-कॉमर्स और प्रदर्शनियों के जरिए उनके सामान को घरेलू और वैश्विक बाजार तक पहुंचाना।
- पारंपरिक विरासत को बचाना और बढ़ावा देना – 18 पारंपरिक व्यापारों (जैसे बढ़ई, लोहार, कुम्हार आदि) को संरक्षित रखते हुए आत्मनिर्भर बनाना, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों, महिलाओं, SC/ST/OBC और पिछड़े वर्गों के लिए।
- सामाजिक-आर्थिक स्थिति सुधारना – करोड़ों कारीगरों की जिंदगी में बड़ा बदलाव लाना, रोजगार बढ़ाना और स्थिर आय स्रोत बनाना।
नोट– यह योजना कारीगरों को सिर्फ आर्थिक मदद नहीं देती, बल्कि उनके सम्मान, हुनर और देश की सांस्कृतिक धरोहर को मजबूत करती है।
पीएम विश्वकर्मा योजना की विशेषता क्या है?
PM Vishwakarma Yojana हाथों और औजारों से काम करने वाले पारंपरिक कारीगरों को पूरी तरह से सहायता देती है। मुख्य विशेषताएं बिंदुवार इस प्रकार हैं:
- पूर्ण सहायता (End-to-End Support): मान्यता से लेकर बाजार तक पहुंचाने तक हर कदम पर मदद, जैसे स्किल ट्रेनिंग, उपकरण, कर्ज और मार्केट लिंकेज।
- मान्यता: लाभार्थी को पीएम विश्वकर्मा प्रमाण पत्र और आईडी कार्ड मिलता है, जिससे सभी सरकारी लाभ आसानी से मिलते हैं।
- कौशल उन्नयन: बेसिक ट्रेनिंग (5-7 दिन, 40 घंटे) और एडवांस ट्रेनिंग (15 दिन या अधिक)। ट्रेनिंग के दौरान रोजाना 500 रुपये स्टाइपेंड मिलता है।
- टूलकिट इंसेंटिव: ट्रेनिंग शुरू होने पर 15,000 रुपये तक का ई-वाउचर मिलता है, जिससे आधुनिक उपकरण खरीद सकते हैं।
- क्रेडिट सपोर्ट: बिना गारंटी (कोलैटरल-फ्री) 3 लाख रुपये तक का लोन दो किश्तों में – पहली किश्त 1 लाख (18 महीने तक), दूसरी 2 लाख (30 महीने तक)। ब्याज दर सिर्फ 5% सालाना, सरकार 8% तक सब्सिडी देती है।
- डिजिटल लेन-देन प्रोत्साहन: डिजिटल पेमेंट पर हर लेन-देन के लिए इंसेंटिव (1 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन, महीने में 100 तक), बैंक खाते में डायरेक्ट ट्रांसफर।
- बाजार से जुड़ाव: ब्रांडिंग, पैकेजिंग, ई-कॉमर्स पर बेचने में मदद, प्रदर्शनियां, मेले और सरकारी खरीद में प्राथमिकता।
- 18 पारंपरिक व्यापार: बढ़ई, लोहार, सुनार, कुम्हार, दर्जी, नाई, राजमिस्त्री, मोची, माला बनाने वाला, धोबी आदि 18 ट्रेड्स को कवर करती है।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का लाभ क्या है?
(1) मान्यता और प्रमाण पत्र
रजिस्ट्रेशन के बाद आपको “प्रधानमंत्री विश्वकर्मा” प्रमाण पत्र और आईडी कार्ड मिलता है। यह डिजिटल और फिजिकल दोनों रूप में दिया जाता है। इससे आप सभी लाभ ले सकते हैं।
(2) स्किल ट्रेनिंग
- बेसिक ट्रेनिंग: 5-7 दिन की ट्रेनिंग।
- एडवांस ट्रेनिंग: आगे की ट्रेनिंग।
- रोजाना 500 रुपये स्टाइपेंड (ट्रेनिंग के दौरान)।
- ट्रेनिंग के शुरू में 15,000 रुपये तक का ई-वाउचर मिलता है, जिससे आधुनिक टूल्स खरीद सकते हैं।
(3) आधुनिक टूलकिट
ट्रेनिंग के बाद टूलकिट इंसेंटिव के रूप में आधुनिक उपकरण दिए जाते हैं। इससे काम आसान और बेहतर होता है।
(4) कर्ज की सुविधा (Collateral Free Loan)
कुल 3 लाख रुपये तक का कर्ज दो चरणों में।
- पहला चरण: 1 लाख रुपये तक।
- दूसरा चरण: 2 लाख रुपये तक (पहला चरण चुकाने के बाद)।
- ब्याज दर सिर्फ 5% सालाना (सरकार ब्याज सब्सिडी देती है)।
- कोई गारंटी या संपत्ति गिरवी रखने की जरूरत नहीं।
- कर्ज की अवधि 18-48 महीने तक हो सकती है।
(5) डिजिटल लेन-देन पर प्रोत्साहन
डिजिटल पेमेंट करने पर हर लेन-देन पर 1 रुपये का कैशबैक या इंसेंटिव मिलता है। इससे कारीगर ऑनलाइन पेमेंट लेना सीखते हैं और सुरक्षित रहते हैं।
(6) बाजार से जुड़ाव (Market Linkage)
- उत्पादों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बेचने में मदद करें।
- प्रदर्शनियों, मेलों और सरकारी खरीद में प्राथमिकता।
- ब्रांडिंग और पैकेजिंग में सहायता।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत कौन -कौन से 18 व्यापार शामिल है?
PM Vishwakarma Yojana में कुल 18 पारंपरिक व्यापारों को शामिल किया गया है। ये वे काम हैं जो हाथों और उपकरणों से किए जाते हैं और पीढ़ियों से चले आ रहे हैं। ये हैं:
- बढ़ई (Carpenter)
- लोहार (Blacksmith)
- सुनार (Goldsmith)
- कुम्हार (Potter)
- दर्जी (Tailor)
- जूता बनाने वाला (Cobbler/Shoemaker)
- हथौड़ा और टूल बनाने वाला (Hammer and Tool Kit Maker)
- राजमिस्त्री (Mason)
- नाई (Barber)
- माला बनाने वाला (Garland Maker)
- धोबी (Washerman)
- दर्जी (अलग से नहीं, लेकिन शामिल)
- बुनकर (Weaver)
- नाई (Barber, दोहराव नहीं)
- ताला बनाने वाला (Locksmith)
- तंबू और छाता बनाने वाला (Tent and Umbrella Maker)
- नक्काशी करने वाला (Sculptor/Stone Carver)
- अन्य पारंपरिक शिल्प जैसे कि बांस की वस्तुएं बनाने वाले आदि।
नोट: ऑफिसियल सूची में ये 18 व्यापार हैं, जैसे बढ़ई, लोहार, सुनार, कुम्हार, दर्जी, जूता बनाने वाला, राजमिस्त्री आदि। अगर आपका काम इनमें से किसी एक में आता है, तो आप पात्र हो सकते हैं।
पीएम विश्वकर्मा योजना पोर्टल पर मिलने वाली सर्विसेज कौन- कौन सी है?
- आवेदन और रजिस्ट्रेशन – CSC केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन (आर्टिसन रजिस्ट्रेशन), आधार से ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन।
- अप्लिकेंट/बेनिफिशियरी लॉगिन – रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और OTP से लॉगिन, डैशबोर्ड एक्सेस।
- आवेदन स्टेटस चेक – आवेदन की स्थिति ट्रैक करना (स्टेज 1: ग्राम पंचायत/ULB, स्टेज 2: जिला कमिटी, स्टेज 3: स्क्रीनिंग कमिटी, अप्रूव्ड/रिजेक्टेड)।
- प्रमाण पत्र और आईडी कार्ड डाउनलोड – सफल रजिस्ट्रेशन के बाद पीएम विश्वकर्मा प्रमाण पत्र और आईडी कार्ड डाउनलोड करना।
- योजना की जानकारी – योजना के उद्देश्य, पात्रता, 18 व्यापारों की सूची, लाभ (ट्रेनिंग, टूलकिट, लोन, डिजिटल इंसेंटिव, मार्केट लिंकेज)।
- कैसे लाभ लें (How to Avail Benefits) – आर्टिसन, GP/ULB, DM/DC, DFO के लिए अलग-अलग गाइडलाइंस और प्रक्रियाएँ।
- FAQ सेक्शन – आम सवालों के जवाब, जैसे पात्रता, दस्तावेज, लाभ कैसे मिलेंगे।
- स्कीम गाइडलाइंस और ऑब्जेक्टिव्स – पूरी योजना के दिशानिर्देश और उद्देश्य पढ़ना।
- की इंडिकेटर्स – रियल-टाइम आंकड़े देखना (आवेदन संख्या, वेरिफिकेशन स्टेज, सफल रजिस्ट्रेशन)।
- कॉन्टैक्ट अस और हेल्पलाइन – राज्य नोडल ऑफिसर, टोल-फ्री नंबर (1800-267-7777, 17923) और ईमेल से संपर्क।
- क्या नया (What’s New) – लेटेस्ट अपडेट, वेबिनार वीडियो और नॉलेज सेंटर।
- CSC और इंडिया पोस्ट लॉगिन – CSC ऑपरेटर और अन्य पार्टनर लॉगिन से रजिस्ट्रेशन सहायता।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का लाभ कौन-कौन ले सकता है?
- आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए।
- पीएम विश्वकर्मा योजना में उम्र सीमा कम से कम 18 साल होनी चाहिए (रजिस्ट्रेशन के समय)।
- आवेदक असंगठित क्षेत्र में स्वरोजगार कर रहा हो।
- वह ऊपर बताए गए 18 में से किसी एक पारंपरिक व्यापार में काम करता हो।
- काम हाथों और उपकरणों से किया जाता हो, और यह परिवार में पीढ़ियों से चला आ रहा हो।
- पिछले 5 साल में केंद्र या राज्य सरकार की किसी समान योजना से कर्ज नहीं लिया हो (कुछ अपवाद जैसे मुद्रा या स्वनिधि लोन चुकाने पर संभव)।
- कोई अपराधी रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लिए आवेदन करने के लगने वाला दस्तावेज लिस्ट क्या है?
पीएम विश्वकर्मा योजना में रजिस्ट्रेशन के लिए आधिकारिक पोर्टल pmvishwakarma.gov.in और myscheme.gov.in के अनुसार मुख्य दस्तावेज निम्नलिखित हैं। ये अनिवार्य हैं और आवेदन के समय मोबाइल या CSC केंद्र पर दिए जाते हैं:
- आधार कार्ड – पहचान और ई-केवाईसी के लिए जरूरी।
- मोबाइल नंबर – आधार से लिंक और OTP वेरिफिकेशन के लिए।
- बैंक खाते का विवरण – अकाउंट नंबर, IFSC कोड (लोन और लाभ ट्रांसफर के लिए)।
- राशन कार्ड – परिवार की जानकारी के लिए अनिवार्य।
नोट- अगर राशन कार्ड नहीं है, तो परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड दिखाने पड़ते हैं।
अतिरिक्त दस्तावेज (जरूरत पड़ने पर):
- पासपोर्ट साइज फोटो (कुछ मामलों में)।
- जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/OBC के लिए, अगर लागू हो)।
- अन्य पहचान पत्र जैसे वोटर आईडी (सहायक)।
PM Vishwakarma Yojana Online Apply कैसे करे?
PM विश्वकर्मा योजना में आवेदन मुख्य रूप से PM Vishwakarma Yojana official website पर होता है, लेकिन यह कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से किया जाता है। सीधे घर से फॉर्म भरना संभव नहीं है; CSC पर जाकर बायोमेट्रिक और ई-केवाईसी पूरी करनी पड़ती है। फरवरी 2026 तक 2.72 करोड़ से ज्यादा आवेदन हो चुके हैं और रजिस्ट्रेशन जारी है।
(1) नजदीकी CSC केंद्र जाएं – आधार कार्ड, मोबाइल नंबर (आधार से लिंक), बैंक खाता विवरण और राशन कार्ड साथ ले जाएं।
(2) CSC ऑपरेटर को बताएं – PM Vishwakarma Yojana registration करवाना है।
(3) CSC लॉगिन और आर्टिसन रजिस्ट्रेशन – ऑपरेटर पोर्टल पर “CSC – Register Artisans” चुनकर लॉगिन करता है।
(4) प्रश्नों के जवाब दें – परिवार में सरकारी नौकरी है या नहीं? पिछले 5 साल में समान योजना से लोन लिया है या नहीं? “नहीं” चुनें और “Continue” करें।
(5) आधार वेरिफिकेशन – अपना आधार नंबर और लिंक्ड मोबाइल पर आए OTP से वेरिफाई करें। नाम, जन्मतिथि, लिंग आदि ऑटो भर जाते हैं।
(6) फॉर्म भरें – व्यक्तिगत विवरण, पता, व्यापार का नाम (जैसे बढ़ई, लोहार आदि), परिवार की जानकारी आदि भरें। राशन कार्ड से परिवार डिटेल आ सकती है।
(7) बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन – उंगली या आंख से बायोमेट्रिक पूरा करें (CSC पर उपलब्ध)।
(8) आवेदन सबमिट करें – फॉर्म जमा होने के बाद आपको रेफरेंस नंबर मिलेगा।
(9) आगे की प्रक्रिया:
- ग्राम पंचायत/नगर निकाय स्तर पर जांच।
- जिला स्तर पर वेरिफिकेशन।
- स्क्रीनिंग कमिटी से मंजूरी के बाद प्रमाण पत्र और आईडी कार्ड मिलता है।
PM Vishwakarma Yojana Status Check 2026 Online कैसे करे
पीएम विश्वकर्मा योजना का आवेदन स्टेटस, प्रमाण पत्र डाउनलोड या लाभ की स्थिति चेक करने के लिए आधिकारिक पोर्टल pmvishwakarma.gov.in पर लॉगिन सुविधा उपलब्ध है। फरवरी 2026 तक 2.72 करोड़ से ज्यादा आवेदन आए हैं, 30 लाख से अधिक सफल रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। स्टेटस चेक मुख्य रूप से अप्लिकेंट/बेनिफिशियरी लॉगिन से होता है।
- आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं – pmvishwakarma.gov.in खोलें। होमपेज पर टॉप राइट कॉर्नर में “PM Vishwakarma Yojana Login” या “Applicant/Beneficiary Login” का विकल्प दिखेगा।
- लॉगिन चुनें – “Login” पर क्लिक करें। मोबाइल नंबर दर्ज करें (वही जो रजिस्ट्रेशन में इस्तेमाल किया था) और कैप्चा भरें।
- OTP से वेरिफाई करें – रजिस्टर्ड मोबाइल पर आए OTP डालकर लॉगिन करें। अगर पासवर्ड है तो इस्तेमाल करें।
- डैशबोर्ड खोलें – लॉगिन सफल होने पर आपका डैशबोर्ड खुलेगा। यहां “Application Status”, “Track Application”, “Certificate Download” या “Benefits Status” जैसे विकल्प मिलेंगे।
- स्टेटस देखें – आवेदन का रेफरेंस नंबर या मोबाइल से सर्च करें। स्टेटस दिखेगा जैसे: Pending, Stage 1 Verification (ग्राम पंचायत स्तर), Stage 2 (जिला स्तर), Stage 3 (स्क्रीनिंग कमिटी), Approved, Rejected आदि।
- प्रमाण पत्र डाउनलोड करें – अगर अप्रूव्ड है तो “PM Vishwakarma Certificate” और “ID Card” डाउनलोड कर सकते हैं।
- अन्य स्टेटस चेक – लोन स्टेटस बैंक से, ट्रेनिंग/स्टाइपेंड/इंसेंटिव बैंक खाते या डैशबोर्ड से देखें।
नोट: अगर लॉगिन नहीं हो रहा है तो रजिस्टर्ड मोबाइल चेक करें या CSC केंद्र पर मदद लें। कोई फीस नहीं। समस्या हो तो हेल्पलाइन 1800-267-7777 या 17923 पर कॉल करें। अधिक जानकारी pmvishwakarma.gov.in पर देखें।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना भारत के उन करोड़ों कारीगरों के लिए वरदान है जो मेहनत से देश को मजबूत बनाते हैं। अगर आप या आपके परिवार में कोई बढ़ई, लोहार, कुम्हार या अन्य पारंपरिक काम करने वाला है, तो इस योजना का लाभ जरूर लें। आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करवाएं। सरकार की यह पहल न सिर्फ आर्थिक मदद दे रही है, बल्कि विरासत को भी संजो रही है।
अधिक जानकारी के लिए pmvishwakarma.gov.in पर जाएं या हेल्पलाइन से संपर्क करें। अपनी मेहनत को नई उड़ान दें!
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
(1) पीएम विश्वकर्मा योजना का हेल्पलाइन नंबर क्या है?
आधिकारिक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-267-7777 और 17923 हैं। इन पर कॉल करके योजना की जानकारी, आवेदन या समस्या का समाधान पा सकते है।
(2) पीएम विश्वकर्मा योजना 15000 रुपये क्या है?
यह टूलकिट इंसेंटिव है। बेसिक ट्रेनिंग शुरू होने पर स्किल वेरिफिकेशन के बाद 15,000 रुपये तक का ई-वाउचर या ग्रांट मिलता है, जिससे आधुनिक उपकरण खरीद सकते हैं।
(3) पीएम विश्वकर्मा योजना का पैसा कितने दिन में आता है?
ट्रेनिंग स्टाइपेंड (500 रुपये/दिन) ट्रेनिंग पूरी होने के बाद बैंक खाते में डीबीटी से जल्दी आता है। टूलकिट इंसेंटिव (15,000 रुपये) ट्रेनिंग शुरू पर ई-वाउचर के रूप में तुरंत मिलता है। लोन अलग प्रक्रिया से।
(4) विश्वकर्मा लोन कैसे लें?
रजिस्ट्रेशन और बेसिक ट्रेनिंग पूरी करने के बाद बैंक से आवेदन करें। पहले 1 लाख रुपये (18 महीने), फिर 2 लाख रुपये (30 महीने) तक बिना गारंटी लोन मिलता है। पोर्टल पर लॉगिन करके या बैंक में जाकर प्रक्रिया पूरी करें।
(5) विश्वकर्मा की ब्याज दर कितनी है?
लोन पर ब्याज दर सिर्फ 5% सालाना है। सरकार 8% तक इंटरेस्ट सब्सिडी देती है, जिससे लाभार्थी को सिर्फ 5% ही चुकाना पड़ता है।
